Friday, 12 December 2014

जानिए आपके भाग्य में कितना पैसा है?

कोई व्यक्ति अपने जीवन में कितना धनी हो पाएगा, यह उसकी कुंडली में लिखा होता है। आइए जानते हैं कुंडली में धन-योग को कैसे पहचानें?
पेश है जन्म कुंडली के कुछ प्रमुख धन योग। इनमें से किसी एक योग के होने पर भी व्यक्ति को धन की प्राप्ति अवश्य होती है।
धन योग
* जब कुंडली के दूसरे भाव में शुभ ग्रह बैठा हो तो जातक के पास अपार पैसा रहता है।
* जन्म कुंडली के दूसरे भाव पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तब भी भरपूर धन के योग बनते हैं।
* चूंकि दूसरे भाव का स्वामी यानी द्वितीयेश को धनेश माना जाता है अत: उस पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तब भी व्यक्ति को धन की कमी नहीं रहती।
* दूसरे भाव का स्वामी यानी द्वितीयेश के साथ कोई शुभ ग्रह बैठा हो तब भी व्यक्ति के पास खूब पैसा रहता है।
* जब बृहस्पति यानी गुरु कुंडली के केंद्र में स्थित हो।
* बुध पर गुरु की पूर्ण दृष्टि हो। (5,7,9)
* बृहस्पति लाभ भाव (ग्यारहवें भाव) में स्‍थित हो।
* द्वितीयेश उच्च राशि का होकर केंद्र में बैठा हो।
* लग्नेश लग्न स्थान का स्वामी जहां बैठा हो, उससे दूसरे भाव का स्वामी उच्च राशि का होकर केंद्र में बैठा हो।
* धनेश व लाभेश उच्च राशिगत हों।
* चंद्रमा व बृहस्पति की किसी शुभ भाव में यु‍ति हो।
* बृहस्पति धनेश होकर मंगल के साथ हो।
* चंद्र व मंगल दोनों एकसाथ केंद्र में हों।
* चंद्र व मंगल दोनों एकसाथ त्रिकोण में हों।
* चंद्र व मंगल दोनों एकसाथ लाभ भाव में हों।
* लग्न से तीसरे, छठे, दसवें व ग्यारहवें भाव में शुभ ग्रह बैठे हों।
* सप्तमेश दशम भाव में अपनी उच्च राशि में हो।
* सप्तमेश दशम भाव में हो तथा दशमेश अपनी उच्च राशि में नवमेश के साथ हो।

Sunday, 30 November 2014

Tips for Face Care


Tips for Face Care
The woman who looks good despite facial faults is the woman who knows what those faults are. Cleansing, toning and nourishing are the three basic requirements of a good skin care programme. Here are some of the tips on facial care:
  • Use soft circular motions of the fingertips working the cream upwards rather downwards.
  • Massage the cream into the skin. It will take around 20 minutes to absorb.
  • Do not keep the cream on beyond 20 minutes because it would attract dirt and grim and would clog the pores.
  • For removing it use moist cotton to prevent the water loss.
  • Keep your face towel clean and soft.
  • Never go to bed with nourishing cream on your face.  
It is essential to know about your skin type so that you can choose the right type of skin care routine. An easy way to find your skin type is the tissue paper test. This test involves the following steps and results.

  • Soon after you leave your bed in the morning, press a tissue paper on to your cheeks and forehead, nose and chin for a minute or two, please do not rub the tissue paper on the face. If there is oil on it you have oily skin. In this case cheeks are drier than other parts of the face.
  • If you have oil only in the areas of nose chin and forehead, then you have a combination skin.  There is no oil at all on the cheeks.
  • If there is no oil on the tissue paper at all, you have either a dry or normal skin.
  • To check a dry skin, wash your face with besan and water. If your skin is left feeling stretched or too tight, shiny and parched then it is dry.
  • If the skin feels smooth, supple and elastic it is normal.
Cleaning the face
Cleansing the face is the first step of skin care routine. Perspiration, grease, dust stale make-up, dirt and bacteria are not easily removed just by ordinary washing of your face. To make your face free of all these hazards you need a cleanser. Cleansing creams go deeper into the pores and wash them thoroughly. Here are some steps which you need to follow while applying the cleanser:
  1. 1.    Always tuck your hair up before putting on the cream to avoid making your hair greasy.
  2. 2.    Apply cleansing cream in generous quantity on the cheeks, chin, forehead and neck.
  3. 3.    Massage it with a light upward and outward movement, paying particular attention to the crease of the nose, under the chin area, neck and ear lobes.
  4. 4.    Always use moist cotton to remove the cream as dry absorbs moisture from the skin.
  5. 5.    Repeat the cleaning process two or three times until the tissue is clean.
  6. 6.    The cleansing routine must be followed twice a day. One in the morning again before going to bed.

Saturday, 22 November 2014

सर्दी का मौसम: इन उपायों से रहें स्वस्थ



हल्की-हल्की गुलाबी धूप, सुबह उठते समय और रात में ठण्ड, रास्ते में कोहरा और कान को ढककर रखने को मजबूर करती हुई हवाएं। जी हां मित्रों, यही है भारत में शरद ऋतु के आगमन के संकेत। वैसे तो इस वर्ष ठण्ड थोड़ी देर से ही आ रही है लेकिन फिर भी कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखने लगे हैं। इसलिए आज सोचा कि क्यों न इस मनोहर वातावरण पर अपने अनुभव के आधार पर कुछ ऐसा लिखा जाए कि जिससे सुबह सुबह चाय पीते हुए हम सब लाभान्वित हो सकें। आइये बात करते हैं सर्दी लगने के बारे में:


मुख्य कारण


1.अधिक ठन्डे भोज्य पदार्थों का सेवन।

2.पैरों में बिना जूते पहन के घूमना।

3.कुछ गरम खाने के तुरंत बाद ही कुछ ठंडा खा लेना।

4.वायरल इन्फेक्शन।

5.सर्दी से ग्रसित अन्य व्यक्तियों के संपर्क में रहना।

6.आसपास की किसी वस्तु से ऐलर्जी हो जाना।

7.आहार विहार में लापरवाही।

8.बहुत अधिक थकान।


लक्षण


1.गले में घरघराहट

2.नाक बंद हो जाना

3.सर दर्द होना

4.चिडचिड़ाहट होना

5.हल्का हल्का बुखार होना

6.आवाज़ में घरघराहट

7.छींकना

8.स्वाद और सुगंध की अनुभूति कम होना

बचाव


1.सामान्य रूप से लोग सर्दी होने पर ऐंटीबायॉटिक्स का प्रयोग करते हैं; लेकिन बिना किसी उचित सलाह के इसे लेना जानलेवा भी साबित हो सकता है।

2.यहाँ यह भी जान लेना आवश्यक है कि ऐंटीबायॉटिक्स बैक्टीरिया के विरुद्ध कार्य करते हैं न कि वायरस और अलर्जी के विरुद्ध।इसलिए, सामान्य सर्दी ज़ुखाम जो कि वायरस या अलर्जी के कारण हो रहे हैं, उनमें ये दवाएं लेने का कोई लाभ नहीं होता है।

4.सामान्य रूप में इस रोग से बचाव के उपाय ही इसका उचित इलाज है।

5.जिन लोगों को सर्दी है, उनसे उचित दूरी बनाकर रखें; ख़ास तौर पर तब जब वे खांसें या छींके।

6.सही समय पर संतुलित भोजन करें।

7.ठंडा व बासा भोजन न करें।

8.भोजन व पेय पदार्थों में सोंठ और काली मिर्च का प्रयोग अवश्य करें।

9.छींकते व खांसते समय मुंह व नाक को ढककर रखें।

10.भोज्य पदार्थों को ढककर रखें।

11.पर्याप्त मात्रा में यदि मन न हो तब भी पानी अवश्य पियें।

12.आराम अवश्य करें क्योंकि इससे ऊर्जा का संग्रहण होता है।

13.भोजन में विटामिन सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू का प्रयोग करें।

14.यदि सर्दी के लक्षण 3 दिन से ज्यादा रहे तो चिकित्सक से परामर्श करें।

15.Vaporizer और nasal decongestant से थोड़ी देर के लिए नाक तो खुल जाती है लेकिन ये इसका पक्का इलाज नहीं है।

16.यदि छाती में दर्द हो, लगातार खांसी आए, कान में दर्द हो या बलगम भूरा या लाल रंग का आता हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।

17.अगर आप asthma, bronchitis या emphysema से पीड़ित हैं तो कुछ भी उपाय करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

18.अगर कोई छोटा बच्चा सर्दी से पीड़ित है तो उसे aspirin न दें।.

Thursday, 6 November 2014

आयुर्वेद से डैंड्रफ दूर करने के उपाय ::


आयुर्वेद से डैंड्रफ दूर करने के उपाय ::
डैंड्रफ की समस्या होने पर स्कॉल्प की सफाई का ध्यान
रखना आवश्यक है। इसीलिए सप्ताह में दो-तीन बार
अच्छा हर्बल शैंपू करना चाहिए और बालों को अच्छी तरह से
मालिश करनी चाहिए।
शैम्पू की जगह ये करे:: आंवला, रीठा और शिकाकाई
तीनो का एक एक चम्म्च एक मग गर्म पानी में घोल ले और
एक घण्टे बाद इसे शैम्पू की जगह लगाए
रोज रात को बालों की जड़ों में सरसों के तेल से मालिश
कीजिए। सुबह शिकाकाई पानी में उबाल कर उस पानी से बाल
धो लें।
ग्लीसरीन और गुलाब जल को रोज बालों की जड़ों में लगाने से
ये समस्या दूर हो सकती है।
डैंड्रफ से बचने के लिए जैतून के तेल में अदरक के रस
की कुछ बूंदे मिलाकर इसे बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटे के
लिए छोड़ दें और फिर शैंपू से धो दें।
आँवला,शिकाकाई पावडर को दही में मिलाए। यह मिश्रण
बालों में लगाने से बालों की डीप कंडीशनिंग होती है।
बालों में तेल लगाने के बाद स्टीम्ड तौलिए का प्रयोग
करना भी अच्छा रहता है या फिर गर्म तेल से स्कॉल्प
की मसाज करने से सिर की त्वचा को पोषण मिलता है।
बालों को बार-बार कंघी मत कीजिए, नहीं तो स्कॉल्प से
ज्यादा ऑयल निकलने से डेंड्रफ की समस्या भी बढ़ जाती है।
खाने-पीने का खासा ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में खूब
पानी पीना चाहिए।
दही को बालों में कम से कम आधे घंटे तक लगाने से डैंड्रफ
को दूर किया जा सकता है।
नीबू का रस और काली मिर्च पाउडर मिलाकर
बालों की जड़ों में लगाना भी अच्छा रहता है।
अधिक स्ट्रांग तेल बालों का झड़ना बढ़ा सकता है। ऐसे में
जड़ीबूटी युक्त नीम और काले तिल का तेल मिलाकर अधिक
डैंड्रफ होने पर सप्ताह में कम से कम तीन बार लगाएं।
आयुर्वेदिक शैंपू डैंड्रफ दूर करने के लिए अच्छा विकल्प है।
नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से डैंड्रफ दूर
होता है।
दही से सिर धोने पर भी डेंड्रफ से
छुटकारा पाया जा सकता है।
डेंड्रफ के कारण ::
बालों की ठीक तरह से सफाई करना, बालों को सही पोषण
मिलना या फिर बालों में तेल लगाने से डेंड्रफ
हो सकती है।
पेट साफ़ होना या कब्ज भी डेंड्रफ़ का कारण होता है
अधिक तनाव या पसीने के कारण भी ये समस्या पनप
सकती है।
हालांकि डेंड्रफ का कोई पुख्ता कारण मौजूद नहीं है, लेकिन
सीबम उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों के ज्यादा सक्रिय होने
की वजह से डेंड्रफ होता है।
कम पानी पीने या फिर भोजन में पोषक तत्वों की कमी के
कारण भी डेंड्रफ हो सकता है।
युवावस्था में अधिक मात्रा में हॉर्मोंन्स रिलीज होने से
भी डैंड्रफ हो सकती है।
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आयुर्वेद से डैंड्रफ दूर करने के उपाय ::
• डैंड्रफ की समस्या होने पर स्कॉल्प की सफाई का ध्यान
रखना आवश्यक है। इसीलिए सप्ताह में दो-तीन बार
अच्छा हर्बल शैंपू करना चाहिए और बालों को अच्छी तरह से
मालिश करनी चाहिए।
शैम्पू की जगह ये करे:: आंवला, रीठा और शिकाकाई
तीनो का एक एक चम्म्च एक मग गर्म पानी में घोल ले और
एक घण्टे बाद इसे शैम्पू की जगह लगाए
• रोज रात को बालों की जड़ों में सरसों के तेल से मालिश
कीजिए। सुबह शिकाकाई पानी में उबाल कर उस पानी से बाल
धो लें।
• ग्लीसरीन और गुलाब जल को रोज बालों की जड़ों में लगाने से
ये समस्या दूर हो सकती है।
• डैंड्रफ से बचने के लिए जैतून के तेल में अदरक के रस
की कुछ बूंदे मिलाकर इसे बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटे के
लिए छोड़ दें और फिर शैंपू से धो दें।
• आँवला,शिकाकाई पावडर को दही में मिलाए। यह मिश्रण
बालों में लगाने से बालों की डीप कंडीशनिंग होती है।
• बालों में तेल लगाने के बाद स्टीम्ड तौलिए का प्रयोग
करना भी अच्छा रहता है या फिर गर्म तेल से स्कॉल्प
की मसाज करने से सिर की त्वचा को पोषण मिलता है।
• बालों को बार-बार कंघी मत कीजिए, नहीं तो स्कॉल्प से
ज्यादा ऑयल निकलने से डेंड्रफ की समस्या भी बढ़ जाती है।
• खाने-पीने का खासा ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में खूब
पानी पीना चाहिए।
• दही को बालों में कम से कम आधे घंटे तक लगाने से डैंड्रफ
को दूर किया जा सकता है।
• नीबू का रस और काली मिर्च पाउडर मिलाकर
बालों की जड़ों में लगाना भी अच्छा रहता है।
• अधिक स्ट्रांग तेल बालों का झड़ना बढ़ा सकता है। ऐसे में
जड़ीबूटी युक्त नीम और काले तिल का तेल मिलाकर अधिक
डैंड्रफ होने पर सप्ताह में कम से कम तीन बार लगाएं।
• आयुर्वेदिक शैंपू डैंड्रफ दूर करने के लिए अच्छा विकल्प है।
• नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से डैंड्रफ दूर
होता है।
• दही से सिर धोने पर भी डेंड्रफ से
छुटकारा पाया जा सकता है।
डेंड्रफ के कारण ::
• बालों की ठीक तरह से सफाई न करना, बालों को सही पोषण
न मिलना या फिर बालों में तेल न लगाने से डेंड्रफ
हो सकती है।
• पेट साफ़ न होना या कब्ज भी डेंड्रफ़ का कारण होता है
• अधिक तनाव या पसीने के कारण भी ये समस्या पनप
सकती है।
• हालांकि डेंड्रफ का कोई पुख्ता कारण मौजूद नहीं है, लेकिन
सीबम उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों के ज्यादा सक्रिय होने
की वजह से डेंड्रफ होता है।
• कम पानी पीने या फिर भोजन में पोषक तत्वों की कमी के
कारण भी डेंड्रफ हो सकता है।
• युवावस्था में अधिक मात्रा में हॉर्मोंन्स रिलीज होने से
भी डैंड्रफ हो सकती है।
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