ज्योतिष में ग्रहों और धातुओं का संबंध
प्रत्येक धातु से एक विशेष धारा प्रवाहित होती है।
स्वर्ण के आभूषणों की तासीर गर्म और चांदी की शीतल है।
सूर्य का अधिकार सोने और तांबे पर,
शुक्र व चंद्रमा अधिकार चांदी पर।
मंगल अधिकार तांबे पर।
गुरु का अधिकार सोने।
शनि व राहू का अधिकार लोहे पर हैं।
आभूषण भी ग्रहों को अनुकूल बनाने हैं।
स्वर्ण के आभूषणों की तासीर गर्म और चांदी की शीतल है।
सूर्य का अधिकार सोने और तांबे पर,
शुक्र व चंद्रमा अधिकार चांदी पर।
मंगल अधिकार तांबे पर।
गुरु का अधिकार सोने।
शनि व राहू का अधिकार लोहे पर हैं।
आभूषण भी ग्रहों को अनुकूल बनाने हैं।
ज्योतिष में पैर-शनि का
और सूर्य-सिर का प्रतीक है और ये परस्पर शत्रु माने जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य का सिर ठंडा और पैर गर्म रहने चाहिएं। इसलिए सिर पर सोना और पैरों में चांदी के आभूषण ही धारण करने चाहिएं। इससे सिर से उत्पन्न ऊर्जा पैरों में और चांदी से उत्पन्न ठंडक सिर में जाएगी। इससे सिर ठंडा व पैर गर्म रहेंगे।
सिर में चांदी के व पैरों में सोने के आभूषण नहीं पहनने चाहिएं। पैरों में सोने की पायल नहीं पहननी चाहिए, चांदी के आभूषण पहनने से पीठ, एड़ी व घुटनों के दर्द, मूत्ररोग, हिस्टीरिया रोगों से राहत मिलती है
और सूर्य-सिर का प्रतीक है और ये परस्पर शत्रु माने जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य का सिर ठंडा और पैर गर्म रहने चाहिएं। इसलिए सिर पर सोना और पैरों में चांदी के आभूषण ही धारण करने चाहिएं। इससे सिर से उत्पन्न ऊर्जा पैरों में और चांदी से उत्पन्न ठंडक सिर में जाएगी। इससे सिर ठंडा व पैर गर्म रहेंगे।
सिर में चांदी के व पैरों में सोने के आभूषण नहीं पहनने चाहिएं। पैरों में सोने की पायल नहीं पहननी चाहिए, चांदी के आभूषण पहनने से पीठ, एड़ी व घुटनों के दर्द, मूत्ररोग, हिस्टीरिया रोगों से राहत मिलती है
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